Thursday, 26 July 2012

ग्लोबल वार्मिग से अछूते हैं काराकोरम के ग्लेशियर

लंदन। एक नए अध्ययन से पता चला है
कि उत्तरी पाकिस्तान मे दिरांन व
राकापोशी चोटियों के बीच स्थित काराकोरम
ग्लेशियर अभी तक ग्लोबल वार्मिग के प्रभाव से
बचे हुए हैं।
ऐसे समय में जबकि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिग
की चपेट में है और इस इलाके समेत दुनिया के
तमाम ग्लेशियरों की बर्फ पिघल रही है, यह
ग्लेशियर और बड़ा हो रहा है। फ्रांस के अध्ययन
कर्ताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि इस
ग्लेशियर पर जलवायु बदलाव का कोई फर्क
नहीं पड़ा है।
इस अध्ययन को करने वाले फ्रांस की डे तोलस
विश्वविद्यालय के दल के एटिन बर्दियर ने एक
जर्नल नेचर जियो साइंस में बताया है कि अब वे
लोग स्थानी जलवायु व वायुमंडल के मॉडल
का गहन अध्ययन करेगे, ताकि इस ग्लेशियर के
ग्लोबल वार्मिग से बचे रहने की वजह
का पता चल सके।
उन्हे उम्मीद है कि वे अपने इस सर्वे को हिमालय
के बाकी इलाकों में भी कर सकेंगे,
ताकि ग्लेशियरों की तुलना करने के लिए उन्हे
विस्तृत और एक समान आंकड़े मिल सकें।
उत्तरी पाकिस्तान व पश्चिमी चीन में
काराकोरम रेज के 5,615 किलोमीटर के दायरे
में किए गए इस अध्यन में इस दल ने
पाया कि 1999 से 2008 के बीच यहां बर्फ
की परत में 0.11 मीटर
की बढ़ोतरी हो चुकी है।
इससे पहले के अध्ययनों में
कहा गया था कि काराकोरम ग्लेशियर भी इस
इलाके के बाकी ग्लेशियरों की तरह ही पिघल
रहा है, इसके चलते समुद्र में पानी का स्तर
को बढ़ जाएगा

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